सिंहपौर हनुमान आश्रम वृंदावन में वृंदावन के संत समाज की एक बैठक भूरी वाला आश्रम भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा है उस मामले में कोर्ट में यह विवाद चल रहा था वादी पक्ष दर्शनानंद प्रतिवादी पक्ष स्वामी कृष्णानंद एवं समस्त ट्रस्टीयों की कोर्ट में 2 से 3 महीने तक बहस चली जिसमें वादी पक्ष दर्शनानंद किसी भी प्रकार का कोई भी साक्ष्य अपने मालिकाना हक के पक्ष में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाए, इसीलिए अपर सिविल जज सी डी मथुरा ने बादी पक्ष के दावे को खारिज कर दिया है कोर्ट के इस निर्णय से प्रतिवादी पक्ष ट्रस्टी गण एवं वृंदावन संत समाज में खुशी की लहर आई और कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया और एक स्वर में प्रशासन से मांग की है के दर्शनानंद ने भू माफियाओं के साथ मिलकर आश्रम पर कब्जा कर रखा है वह कब्जा मुक्त होना चाहिए एवं आश्रम की समस्त सेवा पूजा व्यवस्थाएं स्वामी कृष्णानंद एवं समस्त ट्रस्टीगणों को सौंपी जाएं महामंडलेश्वर नवल गिरी ने कहा जब कृष्णानंद जी भूरी वाले आश्रम में थे तो बारिश के समय रात्रि को 12:00 बजे पुलिस प्रशासन ने उनको बाहर कर दिया था तो अब कोर्ट का आदेश आया है देरी न की जाए और तत्काल प्रभाव से कृष्णानंद जी को आश्रम की व्यवस्थाएं सौंपी जाएसंतो में उपस्थित रहे लाडली शरण महाराज, महंत सुंदरदास महाराज सच्चिदानंद महाराज महामंडलेश्वर नवल गिरी महंत आदित्यानंद महाराज स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी रामस्वरूप दास गोपेश दास बाबा हरिहर मुद्गल शास्त्री नागेंद्र महाराज श्यामसुंदर बृजवासी, हरे कृष्णा

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