वृन्दावन।वंशीवट क्षेत्र स्थित श्रीनाभापीठ सुदामा कुटी में श्रीरामानंदीय वैष्णव सेवा ट्रस्ट के द्वारा चल रहे अनन्तश्री विभूषित जगद्गुरु स्वामी श्रीरामानंदाचार्य महाराज के दस दिवसीय जयंती महोत्सव के अंतर्गत महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमज्जगद्गुरु द्वाराचार्य श्रीनाभापीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज श्रीरामानंद सम्प्रदाय के परम् उपासक हैं।इनके नेतृत्व में श्रीनाभापीठ सुदामा कुटी दिन प्रतिदिन उन्नति व प्रगति की ओर निरन्तर अग्रसर हो रही है।यहां श्रीरामानंद सम्प्रदाय की परम्पराओं का भली-भांति संवर्धन व उन्नयन हो रहा है।यहां चल रहे सेवा प्रकल्पों की जितनी भी प्रशंसा की जाय वो कम है।
चिंतामणि कुंज के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. आदित्यानंद महाराज व गोरेदाऊजी आश्रम के महंत प्रह्लाददास महाराज ने कहा कि सुदामा कुटी के संस्थापक साकेतवासी संत प्रवर सुदामादास महाराज व उनके उत्तराधिकारी साकेतवासी श्रीमहंत भगवानदास महाराज के परम् कृपापात्र स्वामी सुतीक्ष्णदास महाराज जैसी विभूतियों से ही श्रीरामानंद सम्प्रदाय शोभायमान है।क्योंकि उनमें अपने आचार्य चरणों व गुरु चरणों के प्रति अपार निष्ठा है।
चारसम्प्रदाय आश्रम के महंत ब्रजबिहारी दास महाराज व राजस्थान के गौवत्स बिट्ठल महाराज ने कहा कि श्रीनाभापीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज त्याग, तपस्या और सेवा की प्रतिमूर्ति हैं।क्योंकि वे अपने दादा गुरु के समय से ही चले आ रहे सेवा प्रकल्पों व परम्पराओं का पूर्ण निष्ठा व समर्पण भाव के साथ भली-भांति निर्वहन कर रहे हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुर्वेदी,पूर्व प्राचार्य डॉ. विनोद बनर्जी,युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा,महंत वेणुगोपाल दास,मनोजकृष्ण शास्त्री,लक्ष्मण दास शास्त्री,प्रियाशरण दास,निंबार्क कोट के गोपाल भैया आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।संचालन संत रामसंजीवन दास शास्त्री ने किया।
दोपहर को मथुरा के प्रख्यात श्रीसिद्ध विनायक रामलीला संस्थान के द्वारा स्वामी आनंद चतुर्वेदी के निर्देशन में धनुष यज्ञ लीला का एवं रात्रि को प्रख्यात रासाचार्य स्वामी श्रीचंद्र शर्मा की रासमंडली के द्वारा रासलीला का अत्यंत मनोहारी मंचन हुआ।
इस अवसर पर महोत्सव संयोजक श्रीमहंत अमरदास महाराज,श्रीमहंत राघवदास महाराज,भरत शर्मा,मोहन शर्मा,नंदकिशोर अग्रवाल,अवनीश शास्त्री,सौमित्र दास, डॉ. अनूप शर्मा,भक्तिमती वृंदावनी शर्मा,पंडित रसिक शर्मा एवं निखिल शास्त्री आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
महोत्सव के समन्वयक डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने बताया है कि 14 जनवरी को जगद्गुरु स्वामी श्रीरामानंदाचार्य महाराज के जयंती महोत्सव का मुख्य आयोजन किया जाएगा।प्रातः काल महाराजश्री के चित्रपट का पूजन-अर्चन, बधाई गायन आदि होगा।सायं 4 बजे से स्वामी श्रीरामानंदाचार्य महाराज की डोला सवारी समूचे नगर में अत्यंत धूमधाम व गाजे-बाजे के साथ निकाली जाएगी।

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