रिपोर्ट – विक्रम सैनी

शाम होते ही खेतों में मिट्टी खनन के लिए चलने लगती हैं जेसीबी मशीन

डम्फर, और ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से मिट्टी की हो रही ठुलाई

मथुरा के थाना जैंत क्षेत्र अंतर्गत गांव राल का मामला

इलाका पुलिस की आँखों पर खनन माफियाओं ने लगाया रिश्वत का चश्मा

उत्तरप्रदेश में अवैध मिट्टी खनन पर प्रतिबंध के योगी सरकार के तमाम दावों के बावजूद उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में अवैध खनन का खेल जारी है। अवैध खनन पर कड़े प्रतिबंध के सरकार के दावों को मथुरा में अवैध खनन माफिया तार-तार कर रहा है। जनपद में कड़े प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से हो रहे अवैध खनन में सक्रिय खनन माफिया को पुलिस-प्रशासन के अलावा सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं से भी संरक्षण की आम लोगों में चर्चाएं आम हैं। जिसके चलते खनन माफिया द्वारा अवैध खनन बदस्तूर जारी है। ताजा मामला मथुरा के जैंत थाना क्षेत्र से सामने आया है जहां दिल्ली-आगरा नेशनल हाइवे-2 से सटे गांव राल में व संपर्क मार्गों पर देर रात तक अवैध रूप से मिट्टी, रेत-बजरी और पत्थर ढोते व सड़कों को तोड़ते ओवरलोडेड ट्रॉला, ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि वाहन देर रात्रि तक सरपट आवागमन करते हुए देखे जा सकते हैं। इसके साथ ही अवैध खनन में लगे वाहन अपनी तेज रफ्तार से दुर्घटना में जिंदगियां भी लील रहे हैं। आरोप यहां तक हैं कि इलाका पुलिस की आँखों पर खनन माफियाओं ने रिश्वत का चश्मा लगा दिया है जिसके चलते पुलिस आंख मूंदकर बैठी है।

खनन पर प्रतिबंध के एनजीटी के साथ ही सरकार के आदेशों का पालन कराने में शायद मथुरा पुलिस-प्रशासन जिम्मेदारी से अपना मुंह छिपा रहा है तभी तो बेख़ौफ़ खनन माफियाओं द्वारा बेधड़क अवैध खनन बदस्तूर जारी है। इन खनन माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वे विरोध करने या रोकने वालों के साथ अभद्रता व मारपीट करने से भी गुरेज नहीं करते। पूर्व में कुछ इलाकों में दर्जनों बार आम लोगों के साथ पुलिस भी खनन माफियाओं के हमले का शिकार हो चुकी है। ऐसे में हमले करके ये लोग आसानी से अपनी गाड़ियों को छुड़ा भी लेते हैं लेकिन आलम यह है कि शासन या प्रशासन स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने से समस्या और बड़ी होती जा रही है। इससे अवैध खनन तो रुक नहीं रहा, बल्कि खनन माफियाओं की चांदी हो रही है। सबसे बड़ी बात कि यह सब एनजीटी के तमाम फैसलों को धता बताकर हो रहा है।

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