भारतीय स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहा मानसी गंगा नाला

मानसी गंगा नाले की नहीं हुई सफाई साइफन पर लगा मलवे का अम्बार

किसानों ने प्रशासन से लगाई गुहार शीघ्र ही नाले की सफाई कराई जाए

गिरिराज धाम गोवर्धन में बाढ़ के पानी को निकालने के लिए मानसी गंगा से सन 1985-1986 में नाले का निर्माण किया गया। जिससे समय समय पर आए बाढ़ के संकट को टाला गया।सबसे पहले कच्चे नाले का निर्माण कार्य किया गया।जिसको 2021 में जल विभाग द्वारा टेन्डर निकाल पक्का कर दिया गया।ठेकेदार ने आनन फानन में नाले का निर्माण कार्य किया।जिसकी गुणवत्ता पर सवालिया निशान बरकरार है। कस्बे के अन्दर के भाग की सफाई की जिम्मेदारी नगर पंचायत गोवर्धन व बाकी की सफाई की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग के जिम्मे सौंपी गई।मगर न तो ठेकेदार और न ही सिंचाई विभाग द्वारा अभी तक साइफन को साफ नहीं कराया गया है। जिसके चलते अपर खण्ड आगरा नहर के नीचे मानसी गंगा नाले में साइफन में गन्दगी का अम्बार लग गया है।नाले में जीव जन्तु मरने पर बहकर साइफन पर जमा हो गए हैं।बदबू की बजह से पडौसी किसान परेशान हैं और प्रशासन की लापरवाही को कोसते हुए नजर आते हैं।गोवर्धन की मानसी गंगा से साइफन तक लगभग 6 पुलिया पड़ती हैं।जिनमें तीन पुलिया आवासीय व तीन पुलिया कृषि क्षेत्र में आती हैं।निर्माण के समय किसानों ने तीन पुलियाओं पर जाली लगाने की बात कही थी जिससे कूड़ा इकट्ठा होने पर तुरंत सफाई हो सके।जो हो भी सकता था मगर ठेकेदार द्वारा अनसुनी कर दी गई जो आज किसानों के लिए दुखदायी बन गई है।उसके बाद भी किसानों ने कई बार ठेकेदार से सफाई की बात कही मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।जिस तरफ गन्दगी जमा है वहां खेत खाली होने पर ही सफाई की जा सकती है अन्यथा कोई रास्ता नहीं है।किसानों ने अधिकारियों के संज्ञान में नाले की सफाई की बात डाली हुई थी।जिसका गणमान्य अधिकारीगण ने गेंहू की फसल उठने के बाद सफाई की बात कही थी।विगत बीस दिनों से साइफन के समीप खेत खाली पड़े हैं।मगर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।अन्नदाता भी काफी परेशान है।वही किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि शीघ्र ही नाले की सफाई कराई जाए जिससे वो खेती कर सकें और बीमारियों से बचें।वही कोरोना की चौथी लहर की आशंका के चलते प्रधानमंत्री द्वारा वैसे तो स्वच्छता पर पुरजोर दिया जा रहा है और डीएम ने साफ सफाई रखने के सख्त आदेश दिए हैं।परन्तु नालों की गन्दगी पर किसी का ध्यान नहीं हैं जहां बीमारी का मुख्य कारण असंख्य मच्छर भी पनप रहे हैं।

गोवर्धन – मुकेश कौशिक

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