मथुरा – हरेंद्र राणा को छुड़ाने के लिए एपी एक्सप्रेसवे की घटना को दोहराने की साजिश रची गई थी। मथुरा पुलिस ने छह बदमाशों को गिरफ्तार करने के बाद इस साजिश का पर्दाफाश किया।

मथुरा की अदालत में पेशी के दौरान कुख्यात शार्प शूटर हरेंद्र राणा को छुड़ाने की साजिश रची गई थी। पुलिस की सतर्कता से बड़ी वारदात टल गई। पुलिस ने छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनसे पांच तमंचे, 19 कारतूस और बाइक बरामद हुई हैं। भाड़े के ये बदमाश पुलिस टीम पर हमला कर हरेंद्र राणा को छुड़ाने की फिराक में थे। उससे पहले ही पुलिस ने बदमाशों को दबोच लिया।

चार साल बाद कोर्ट में पेश किया गया था राणा

5 दिसंबर 2013 में एपी एक्सप्रेस में पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए शातिर हरेंद्र राणा को चार साल बाद गाजियाबाद पुलिस ने शनिवार को अदालत में पेश किया था। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से वर्ष 2018 के बाद उसे अदालत में पेश नहीं किया था। अभियुक्त की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में हुई। हरेंद्र राणा के खिलाफ 25 मामले विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं।

2013 में सिपाही की हत्या कर छुड़ाया गया था राणा

आगरा पुलिस की अभिरक्षा से वर्ष 2013 में मध्य प्रदेश के भिंड निवासी हरेंद्र राणा और उसके साथी वीनेश को उसके बदमाशों ने पुलिस पर हमला कर छुड़ा लिया था। इस हमले में आगरा पुलिस के दीवान खालिक की हत्या कर दी गई थी। पांच सिपाही गोली लगने से घायल हुए थे। आगरा पुलिस राणा और वीनेश को गाजियाबाद हत्या के मामले में अदालत में पेश करने के लिए लेकर गई थी।

एडीजे प्रथम की अदालत में चल रही है सुनवाई

इसी दौरान फरह और मथुरा जंक्शन के बीच उसके साथियों ने हमला बोल दिया। मथुरा के जीआरपी थाने में वारदात का मुकदमा दर्ज हुआ। अब इसकी सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में चल रही है। शनिवार को सुनवाई के लिए गाजियाबाद पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच अभियुक्त को कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंची थी। इस बार भी उसे छुड़ाने के लिए साजिश रची गई थी, लेकिन बदमाश पकड़े गए।

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