मथुरा के गोवर्धन में फर्जी वसीयत बनाकर एक मकान बेचने का मामला सामने आया है। जिस महिला के नाम से मकान था, उसकी बहन ने मथुरा एसएसपी से शिकायत की। पीड़िता का आरोप है कि बड़ी बहन की मौत होने के बाद किराएदार ने फर्जी वसीयत बनाकर मकान बेच दिया।  सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल की रहने वाली इस महिला की शिकायत के बाद धोखाधड़ी के  मामले में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। 

जानकारी के मुताबिक सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल की रहने वाली दीपाली राय वर्ष 2012  में भजन साधना के लिए गोवर्धन के राधाकुंड आईं थीं। उन्होंने राधाकुंड में नन्दरानी से 23 अप्रैल 2012 को मकान खरीदा और उसी में रहने लगीं। बताया गया है कि इस मकान में उन्होंने सांगानेर जयपुर के रहने वाले राजकिशोर शर्मा पुत्र विष्णुदत्त शर्मा को किराये पर कमरा दे दिया था। कुछ दिन बाद ही दीपाली राय ने राजकिशोर पर चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की थी।

जिसके बाद वह मकान छोड़कर भाग गया।इसके कुछ दिन बाद ही दीपाली राय मकान का ताला लगाकर अपनी छोटी बहन मुक्ति शाह निवासी सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के यहां चली गई। 3 अगस्त 2020 को दीपाली राय की मायापुरी पश्चिम बंगाल में मृत्यु हो गई।  मुक्ति शाह ने बताया कि  इसकी जानकारी राजकिशोर शर्मा को हो गई। उसने मकान की अपंजीकृत फर्जी वसीयत बनाकर कृष्ण गोपाल मिश्रा पुत्र रमेश चन्द्र मिश्रा निवासी राधाकुंड व ओमप्रकाश सिंह पुत्र लोकी सिंह निवासी बड़ौता को मकान बेच दिया।मुक्ति शाह को जब इसकी जानकारी हुई तो वे मथुरा आईं। यहां एसएसपी से मिलकर मामले की शिकायत की, जिसके बाद राजकिशोर शर्मा, कृष्ण गोपाल मिश्रा, ओमप्रकाश सिंह, गवाह दिनेश पाल सिंह व मोनू के खिलाफ़ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

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